तारीख: 14 जुलाई 2025
दिल्ली हाईकोर्ट ने 11 जुलाई को दिल्ली विश्वविद्यालय को आदेश दिया कि वह दो एड-हॉक असिस्टेंट प्रोफेसर, नमिता खरे और मेहक तलवार को नियमित नियुक्ति दे। दोनों 2017 से जर्मेनिक और रोमांस स्टडीज विभाग में कार्यरत हैं। कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय जानबूझकर नियमित भर्ती प्रक्रिया से बचते हुए एड-हॉक नियुक्तियों का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे कर्मचारियों को उचित सेवा शर्तें नहीं मिल रही हैं। खरे और तलवार ने 2022 में विश्वविद्यालय के उस नोटिफिकेशन को चुनौती दी थी जिसमें भर्ती के लिए नए दिशा-निर्देश तय किए गए थे। उन्होंने तर्क दिया था कि वे सभी मानदंडों पर खरी उतरती हैं और उचित प्रक्रिया से नियुक्त हुई थीं, लेकिन उन्हें वर्षों से एड-हॉक पर ही रखा गया, जिसमें बीच-बीच में कृत्रिम अंतराल दिए गए। कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय का यह रवैया सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में निंदा की गई गलत प्रथा को ही आगे बढ़ाएगा।